दस्तखत
Tuesday, 15 May 2012
खबर नवीसों के लिए
दौड़ती- भागती दुनिया में जमाना ब्रेकिंग न्यूज का है,
एक पल तो ठहरो यारों तुम्हें अपने लिए भी जीना है।
जब सुबह की गर्दिश ऐसी है, तो शाम का आलम क्या होगा,
हर हाल में जहां जीना पड़ता है, तो जिंदगी का क्या होगा।
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