दस्तखत
Friday, 19 April 2013
धड़कते पत्थरों को हमने दिल समझ लिया, फिर अपने दिल को बहलाना सीख लिया।
मेरी चाहत को उसने हवा क्यूं दी थी, जो आसमां में हमने उड़ना सीख लिया।
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